शिव मंदिर पिपलेश्वर महादेव निचली भटेड़ द्वारा महाशिवरात्रि पक्ष के पावन पर्व पर 52वाँ विशाल रक्तदान शिविर

शिव मंदिर पिपलेश्वर महादेव निचली भटेड़ द्वारा महाशिवरात्रि पक्ष के पावन पर्व पर 52वाँ विशाल रक्तदान शिविर

मानवता के महायज्ञ में आपका स्वागत

देवभूमि हिमाचल प्रदेश की पुण्य भूमि सदैव सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की परंपराओं के लिए जानी जाती रही है। यहाँ के गाँवों में आज भी सामूहिक भावना और मानवता की संस्कृति जीवित है, जहाँ किसी अजनबी का दुःख भी अपना ही दर्द माना जाता है। इसी सेवा और संवेदना की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 22 फरवरी 2026 (रविवार) को जिला बिलासपुर की तहसील सदर के अंतर्गत कन्दरौर से लगभग 8–9 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम निचली भटेड़ के पावन शिव मंदिर परिसर में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होने वाला यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता के लिए समर्पित जीवनदान का महायज्ञ है।

आज चिकित्सा विज्ञान ने भले ही अनेक क्षेत्रों में प्रगति कर ली हो, लेकिन रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प अभी तक संभव नहीं हो पाया है। अस्पतालों में हर दिन थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों, प्रसव के दौरान माताओं-बहनों, किडनी और हृदय जैसे जटिल ऑपरेशनों से गुजर रहे रोगियों तथा सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है। कई बार केवल रक्त की कमी के कारण परिवार अपने प्रियजनों को खो देते हैं। ऐसे समय में एक स्वैच्छिक रक्तदाता किसी अनजान व्यक्ति के लिए भगवान के रूप में सामने आता है।

आप सभी से विनम्र आग्रह है कि यदि आप स्वस्थ हैं और रक्तदान करने योग्य हैं, तो इस पुण्य अवसर पर अवश्य सहभागी बनें। अपने परिवार, मित्रों और युवा साथियों को भी साथ लेकर आएँ। आपका एक यूनिट रक्त किसी बच्चे की मुस्कान, किसी माँ की सुरक्षा और किसी परिवार की उम्मीद बन सकता है।

आइए, महाशिवरात्रि पक्ष के पावन पर्व पर सेवा को ही सच्ची पूजा बनाते हुए जीवन बचाने का संकल्प लें

सेवा और परंपरा का संगम : निचली भटेड़

रक्तदान के बाद देवभूमि सोशल फाउंडेशन के रक्तदाता सेवा भावना के साथ समूह चित्र में
मानवता की सेवा के संकल्प के साथ रक्तदान के पश्चात देवभूमि सोशल फाउंडेशन के समर्पित रक्तदाता।

जिला बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) की तहसील सदर के अंतर्गत स्थित ग्राम निचली भटेड़ प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण है। यह गाँव प्रसिद्ध कन्दरौर क्षेत्र से लगभग 8 से 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और डैहर मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। शांत वातावरण, पहाड़ी संस्कृति और आपसी भाईचारे के लिए पहचाना जाने वाला यह क्षेत्र सेवा कार्यों के लिए विशेष पहचान बना चुका है।

गाँव के मध्य स्थित पावन शिव मंदिर (पिपलेश्वर महादेव) केवल श्रद्धा का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और मानव सेवा का भी प्रमुख स्थान बन गया है। यहाँ की पिपलेश्वर महादेव कमेटी वर्षों से समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती आ रही है। स्थानीय ग्रामीण, युवा, महिलाएँ और बुजुर्ग इस आयोजन को धार्मिक उत्सव के साथ-साथ मानवता की सेवा का अवसर मानते हैं।

विशेष बात यह है कि इस शिविर में आसपास के गाँवों से लोग परिवार सहित पहुँचते हैं और कई बार एक ही परिवार की तीन पीढ़ियाँ एक साथ रक्तदान कर समाज को प्रेरित करती हैं। यही कारण है कि निचली भटेड़ का यह शिव मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और जीवनदान की परंपरा का प्रतीक बन चुका है।

मानवता के महायज्ञ में सहभागी बनें
आपका रक्त किसी का जीवन बचा सकता है।

देवभूमि सोशल फाउंडेशन — सेवा, समर्पण और जीवनदान का अभियान

देवभूमि सोशल फाउंडेशन एक ऐसी सामाजिक संस्था के रूप में उभरी है, जिसने मानवता की सेवा को अपना मूल उद्देश्य बनाया है। रक्तदान जागरूकता, जरूरतमंद मरीजों की सहायता और समाज में सेवा संस्कारों को मजबूत करने के लिए यह संस्था निरंतर कार्य कर रही है। जिला बिलासपुर से प्रारम्भ हुई यह सेवा यात्रा आज हिमाचल प्रदेश के कई जिलों तक पहुँच चुकी है, जहाँ समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित कर हजारों लोगों को जीवनदान देने का प्रयास किया जा रहा है।

संस्था की विशेषता यह है कि यह केवल आयोजनों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी सक्रिय रहती है। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से मरीज का नाम, ब्लड ग्रुप, अस्पताल और संपर्क विवरण साझा होते ही संस्था के सदस्य तुरंत रक्तदाताओं की व्यवस्था करने में जुट जाते हैं। ऐसे मरीजों की भी सहायता की जाती है जिनसे रक्तदाताओं का कोई व्यक्तिगत परिचय नहीं होता।

देवभूमि सोशल फाउंडेशन की सेवाएँ हिमाचल प्रदेश के अस्पतालों के साथ-साथ चंडीगढ़, मोहाली और पीजीआई जैसे बड़े चिकित्सा संस्थानों तक भी पहुँचती हैं। संस्था से जुड़े युवा सदस्य अपनी नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद सीमित संसाधनों में समाज और राष्ट्र सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। यही समर्पण इसे एक सशक्त और विश्वसनीय रक्तसेवा परिवार बनाता है।

प्रेरक सदस्य — सेवा भावना से जुड़ा समर्पित परिवार

देवभूमि सोशल फाउंडेशन टीम रक्तदान सेवा अभियान के दौरान समूह चित्र में
देवभूमि सोशल फाउंडेशन टीम रक्तदान सेवा अभियान के दौरान समूह चित्र में 

देवभूमि सोशल फाउंडेशन एक समर्पित संस्था है, जो रक्तदान और सामाजिक सेवा में अग्रणी भूमिका निभाती है। संस्था के अध्यक्ष मेहता अरविंद जी, महासचिव विक्रम शर्मा, कोषाध्यक्ष अजय ठाकुर और मीडिया प्रभारी अनिल ठाकुर के नेतृत्व में, यह टीम निस्वार्थ सेवा करती है। मार्गदर्शन में वरिष्ठ नागरिक राहुल वर्मा, नवीन सूद और अशोक जी हैं। सक्रिय सदस्य—डॉ. नितेश, बंटी,अजय, नवीन और रॉबिन आदि दिन-रात जरूरतमंदों के लिए तत्पर रहते हैं। यह संस्था रक्तदान शिविरों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में मानवता की सेवा कर रही है। जब भी किसी अस्पताल से रक्त की आवश्यकता का संदेश आता है, ये सभी सदस्य बिना समय देखे तुरंत सक्रिय हो जाते हैं।

व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से मरीज का विवरण साझा होते ही यह टीम अपने मित्रों, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कर रक्तदाताओं की व्यवस्था करती है। कई बार देर रात या कठिन परिस्थितियों में भी अस्पताल पहुँचकर रक्तदान करना इनके लिए सामान्य बात बन चुकी है। इनकी सेवा केवल रक्त देने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मरीज के परिजनों को मानसिक सहारा और रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक करना भी इनके कार्य का हिस्सा है।

इन युवाओं का समर्पण यह संदेश देता है कि सच्ची सेवा वही है, जहाँ बिना पहचान और अपेक्षा के किसी की जिंदगी बचाने का प्रयास किया जाए।

बेटियों और परिवारों की प्रेरक भागीदारी — सेवा का उत्सव

रक्तवीरांगना अंकिता शर्मा द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान | देवभूमि रक्तसेवा अभियान
रक्तवीरांगना अंकिता शर्मा द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान | देवभूमि रक्तसेवा अभियान

निचली भटेड़ का रक्तदान शिविर केवल आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और संस्कारों का उत्सव है। यहाँ कई परिवारों की तीन-तीन पीढ़ियाँ एक साथ रक्तदान कर मानवता का संदेश देती हैं। विशेष रूप से विवाह के बाद अन्य स्थानों पर रहने वाली बेटियाँ भी इस दिन मायके लौटकर रक्तदान करती हैं और शिविर की व्यवस्थाओं में सहयोग देती हैं। कोई रिफ्रेशमेंट वितरण संभालता है तो कोई रक्तदाताओं की देखभाल करता है। उनका यह समर्पण बताता है कि सेवा केवल दान नहीं, बल्कि परिवार और समाज को जोड़ने वाली भावना है। गाँव की यह परंपरा नई पीढ़ी को प्रेरित करती है कि मानवता की सबसे बड़ी पूजा किसी के जीवन को बचाना है।

जीवनदान का संकल्प — आइए बनें मानवता की आशा

टीम देवभूमि सोशल फाउंडेशन — स्वैच्छिक रक्तदान सेवा अभियान हिमाचल प्रदेश
देवभूमि सोशल फाउंडेशन टीम रक्तदान सेवा अभियान के दौरान समूह चित्र में

ग्राम निचली भटेड़ का यह वार्षिक रक्तदान शिविर केवल रक्त संग्रह का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली सेवा भावना का जीवंत उदाहरण है। हर वर्ष महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह शिविर यह संदेश देता है कि सच्ची भक्ति वही है, जो किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में काम आए। यहाँ एकत्रित होने वाला प्रत्येक रक्तदाता केवल दान नहीं करता, बल्कि किसी अजनबी परिवार के लिए उम्मीद बनकर खड़ा होता है।

इस वर्ष भी 22 फरवरी 2026 को पिपलेश्वर महादेव शिव मंदिर परिसर में आयोजित इस विशाल रक्तदान शिविर में हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला के ब्लड बैंक की विशेषज्ञ टीम सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से रक्त संग्रह करेगी। रक्तदाताओं के स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर सम्मान और रिफ्रेशमेंट तक हर व्यवस्था श्रद्धा और समर्पण के साथ की जाएगी।

आप सभी स्वस्थ नागरिकों से विनम्र आग्रह है कि इस मानवता के महायज्ञ में अवश्य भाग लें। अपने मित्रों, परिवार और युवा साथियों को भी साथ लेकर आएँ। आपकी एक यूनिट रक्त किसी माँ की मुस्कान बचा सकती है, किसी बच्चे को नया जीवन दे सकती है और किसी परिवार को टूटने से बचा सकती है।

आइए, सेवा को संस्कार बनाकर जीवन बचाने का संकल्प लें।

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