क्या 90 दिनों बाद बेकार हो जाएंगे ईमेल और मैसेजेज? जानें चेतावनी के पीछे की सच्चाई
डिजिटल युग में ईमेल, फोन कॉल और मैसेज हमारे रोजमर्रा के जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑफिस का काम हो, बैंकिंग हो, स्कूल की सूचना हो या पारिवारिक बातचीत इन सभी में डिजिटल कम्युनिकेशन का बड़ा योगदान है। लेकिन हाल ही में एक ऐसी चेतावनी सामने आई है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के प्रोडक्ट हेड निकिता बियर ने एक पोस्ट में कहा है कि आने वाले 90 दिनों के भीतर ईमेल, मैसेज और फोन कॉल जैसे कम्युनिकेशन चैनल स्पैम से इतने भर सकते हैं कि उनका इस्तेमाल करना कठिन हो सकता है। इस बयान ने तकनीकी जगत में एक नई चर्चा छेड़ दी है।
क्या सच में 90 दिनों में बेकार हो जाएंगे ईमेल और मैसेज?
बियर ने अपनी पोस्ट में कहा कि तेजी से विकसित हो रहे एआई टूल्स के कारण स्पैम का स्तर अचानक बढ़ सकता है।
उनका अनुमान है कि आने वाले समय में ऑटोमेटेड मैसेजिंग इतनी ज्यादा हो सकती है कि iMessage, फोन कॉल और Gmail जैसे प्लेटफॉर्म भी इससे प्रभावित होंगे। हालांकि यह एक चेतावनी या अनुमान है, कोई आधिकारिक तकनीकी रिपोर्ट या सरकारी घोषणा नहीं है। टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों का मानना है कि स्पैम बढ़ना एक वास्तविक समस्या जरूर है, लेकिन पूरी तरह से कम्युनिकेशन सिस्टम बेकार हो जाना इतना आसान नहीं है।
स्पैम की समस्या क्यों बढ़ सकती है?
इस चेतावनी के पीछे मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बताया जा रहा है। पहले स्पैम मैसेज या कॉल करने के लिए किसी व्यक्ति को तकनीकी जानकारी की जरूरत होती थी। लेकिन अब नए एआई टूल्स की मदद से यह काम काफी आसान हो गया है। ओपन सोर्स एआई प्लेटफॉर्म, जैसे कि कुछ नए एजेंट-आधारित सिस्टम, ऐसे टूल्स उपलब्ध करा रहे हैं जिनकी मदद से कोई भी व्यक्ति ऑटोमेटेड मैसेज, ईमेल या कॉल सिस्टम बना सकता है। यही कारण है कि आने वाले समय में स्पैम का स्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
निकिता बियर कौन हैं?
निकिता बियर एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) में प्रोडक्ट हेड के पद पर कार्यरत हैं। वे टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के जाने-माने प्रोडक्ट लीडर और उद्यमी माने जाते हैं, जिन्होंने पहले कई लोकप्रिय सोशल ऐप्स और डिजिटल प्रोडक्ट्स पर काम किया है। हाल ही में उन्होंने एक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि आने वाले 90 दिनों में ईमेल, मैसेज और फोन कॉल जैसे कम्युनिकेशन चैनल ऑटोमेटेड एआई स्पैम से इतने भर सकते हैं कि उनका सामान्य उपयोग कठिन हो सकता है।
Prediction: In less than 90 days, all channels that we thought were safe from spam & automation will be so flooded that they will no longer be usable in any functional sense: iMessage, phone calls, Gmail.
— Nikita Bier (@nikitabier)
February 11, 2026
क्या इससे बचाव का कोई तरीका नहीं है?
यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि इससे बचने का कोई उपाय नहीं है। दुनिया भर की टेक कंपनियां पहले से ही स्पैम और फर्जी गतिविधियों से लड़ने के लिए एआई आधारित फिल्टर और सुरक्षा सिस्टम विकसित कर रही हैं। गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां लगातार अपने ईमेल और मैसेजिंग सिस्टम को अपडेट कर रही हैं ताकि स्पैम को ऑटोमैटिक तरीके से रोका जा सके। इसके अलावा, कॉल फिल्टरिंग, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण और पहचान आधारित मैसेज सिस्टम भी इस समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं।
सामान्य उपयोगकर्ताओं को क्या करना चाहिए?
डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए कुछ सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है:
- अनजान नंबर या ईमेल से आए लिंक पर क्लिक न करें।
- बैंक या सरकारी जानकारी फोन पर साझा न करें।
- स्पैम मैसेज को तुरंत ब्लॉक या रिपोर्ट करें।
- अपने ईमेल और सोशल अकाउंट्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।
इन साधारण उपायों से आप खुद को कई डिजिटल खतरों से बचा सकते हैं।
सच्चाई क्या है?
टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और स्पैम की समस्या भी समय के साथ बढ़ती रही है। लेकिन हर नई समस्या के साथ उसका समाधान भी विकसित होता है। इसलिए यह कहना कि 90 दिनों में ईमेल और मैसेज पूरी तरह बेकार हो जाएंगे, एक अनुमान हो सकता है, लेकिन यह निश्चित भविष्यवाणी नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल सुरक्षा और भी मजबूत होगी, और नई तकनीकें स्पैम के खिलाफ बेहतर सुरक्षा प्रदान करेंगी।
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नरेश शर्मा एक लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता और समर्पित रक्तदाता हैं, जो समाज सेवा, रक्तदान जागरूकता और जनहित विषयों पर निरंतर लेखन करते हैं।
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