Read Himrang News on Google News

View on Google News
भूस्खलन
भूस्खलन

शिमला में भूस्खलन- बाप-बेटी समेत 3 की मौत: घर से बाहर गई महिला की जान बची; कोटखाई में वृद्धा की मौत, कई सड़कें बंद – Shimla News

शिमला में भूस्खलन से गिरा मकान और राहत कार्य में लगे स्थानीय लोग।

शिमला जिले में लगातार हो रही बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जिला में जुन्गा और कोटखाई तहसील में भूस्खलन की दो अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव के कार्य में लगी हैं।

.

जानकारी अनुसार पहली घटना जुन्गा तहसील के पटवार सर्कल डबलू के उप मोहाल जोत में पेश आई है। यहां लैंडस्लाइड बड़ा लैंड स्लाइड हुआ है । यहां वीरेंद्र कुमार के घर पर भूस्खलन हुआ। इस हादसे में 35 वर्षीय वीरेंद्र कुमार और उनकी 10 वर्षीय बेटी की मौत हो गई। घटना के समय वीरेंद्र की पत्नी घर से बाहर थीं, जिससे वह बच गईं। इस हादसे में उनकी गाय भी मलबे में दब गई है।

शिमला में भूस्खलन के चार PHOTOS…

शिमला में भूस्खलन में गिरे मकान में फंसे लोगों को निकालने में लगे स्थानीय लोग।

शिमला में भूस्खलन में गिरे मकान में फंसे लोगों को निकालने में लगे स्थानीय लोग।

मकान गिरने से इसके मलबे में दबने से बाप-बेटी की मौत हो गई। दोनों के शवों को मलबे से निकाल लिया गया है।

मकान गिरने से इसके मलबे में दबने से बाप-बेटी की मौत हो गई। दोनों के शवों को मलबे से निकाल लिया गया है।

शिमला में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से गिरा मकान।

शिमला में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से गिरा मकान।

घाटी में बारिश से बार बार भूस्खलन की कई घटनाएं हो चुकी हैं।

घाटी में बारिश से बार बार भूस्खलन की कई घटनाएं हो चुकी हैं।

पंचायत प्रधान ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि करीब 3:00 बजे फोन से जानकारी मिली । घटना करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच की बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि परिवार में तीन ही लोग थे। बीरेंद्र खेतीबाड़ी और मजदूरी का काम करते थे। उन्होंने कहा कि बताया जा रहा है कि घटना के वक्त बाप बेटी अंदर सोए हुए थे जबकि उनकी पत्नी बाहर वाशरूम गई हुई बताई जा रही है। घर का एक हिस्सा बच गया है। प्रधान ने बताया कि मृतकों के शव निकाल लिए गए है।

वहीं दूसरी घटना कोटखाई तहसील के ग्राम छोल, वीपीओ आदर्श नगर में पेश आई है। यहां भी एक मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। भूस्खलन से आए मलबे की चपेट में बुजुर्ग महिला कलावती फंस गईं। स्थानीय लोगों ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। महिला की मलबे के नीचे दबने से मौत हो गई है वही जिला भर में भारी बारिश के कारण क्षेत्र की कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।

दयार मोली गांव में चार घर खाली कराए

रोहड़ू के दयार मोली गांव में भारी बारिश के कारण हुए लैंडस्लाइड से प्रभावित 4 परिवारों के घरों को स्थानीय प्रशासन से खाली करवा दिया है।उप मंडलाधिकारी रोहड़ू रमेश धमोत्रा ने स्वयं मौके पर जाकर चारों परिवारों के दस सदस्यों को गांव में अन्य सुरक्षित घरों में ठहरने की व्यवस्था करवाई। दयार मोली में कुलदीप, संदीप, प्रदीप और सोन्फू राम के परिवारों को शिफ्ट किया गया है।

दयार मोली गांव में भारी बारिश के कारण हुए लैंडस्लाइड के बाद प्रशासन की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं।

दयार मोली गांव में भारी बारिश के कारण हुए लैंडस्लाइड के बाद प्रशासन की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं।

दो गाय, एक भेड़ मलबे में दबी

एसडीएम ने जानकारी देते हुए कहा कि रात्रि साढ़े आठ बजे के करीब दयार मोली क्षेत्र में लैंडस्लाइड की सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद प्रशासन की टीम ने मौके का निरीक्षण किया तो पाया कि चार परिवार तीन घरों में रहते थे। लैंड स्लाइड से दो गोशाला पूरी तरह दब गई है। इसमें दो गाय एक भेड़ भी दबने की सूचना है।

इंडोर स्टेडियम में शेल्टर होम बनाया

शिकडी खड्ड के आसपास के लोगों में जल स्तर बढ़ने से काफी डर का माहौल बना हुआ है। इसी के चलते इंडोर स्टेडियम में शेल्टर होम बनाया गया है। ताकि प्रभावितों को समय रहते यहां पर ठहराया जा सके। उन्होंने लोगों से अपील कि है जिन्हें शेल्टर में ठहरना हो वे प्रशासन से संपर्क कर सकते है। यहां सारी व्यवस्थाएं की गई है।

Check Also

हिमाचल के बागवानों की बढ़ी चिंता: रेलवे की सेब परिवहन योजना का क्यों हो रहा विरोध?

हिमाचल के बागवानों की बढ़ी चिंता: रेलवे की सेब परिवहन योजना का क्यों हो रहा विरोध?

हिमाचल प्रदेश में सेब केवल एक फल नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका और प्रदेश …