Read Himrang News on Google News

View on Google News
मानवता की निस्वार्थ सेवा के लिए पथ-प्रदर्शक संस्था के सूत्रधार श्री बमेंद्र कुमार जी दो राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत

मानवता की निस्वार्थ सेवा के लिए पथ-प्रदर्शक संस्था के सूत्रधार श्री बमेंद्र कुमार जी दो राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत

गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार (रोहतास, बिहार) में आयोजित रक्तदाता महाकुंभ-2 केवल एक राष्ट्रीय रक्तदान सम्मेलन नहीं था, बल्कि यह मानवता, सेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का प्रेरणादायी महोत्सव बन गया। इस आयोजन में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ नेपाल और भूटान से आए स्वैच्छिक रक्तदाता, समाजसेवी, चिकित्सक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान को जनआंदोलन का स्वरूप देना, रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना तथा विभिन्न राज्यों में कार्यरत रक्तदान संगठनों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना था। पूरे आयोजन में सेवा, सहयोग, भाईचारा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। इस ऐतिहासिक आयोजन के सफल संचालन में पथप्रदर्शक संस्था एवं उसके संस्थापक आदरणीय श्री बमेंद्र कुमार जी की दूरदर्शिता, नेतृत्व क्षमता और अथक परिश्रम की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की।


दो राष्ट्रीय सम्मानों से हुआ योगदान का गौरवपूर्ण सम्मान

रक्तदाता महाकुंभ-2 में श्री बमेंद्र कुमार जी को मिशन रक्तक्रांति सम्मान–2026 से सम्मानित किया गया।
रक्तदाता महाकुंभ-2 में श्री बमेंद्र कुमार जी को मिशन रक्तक्रांति सम्मान–2026 से सम्मानित किया गया।

रक्तदाता महाकुंभ-2 के सफल एवं प्रेरणादायी आयोजन तथा देश-विदेश के स्वैच्छिक रक्तदाताओं को मानवता की सेवा के एक सूत्र में जोड़ने के उल्लेखनीय योगदान के लिए पथप्रदर्शक संस्था के संस्थापक आदरणीय श्री बमेंद्र कुमार जी को मिशन रक्तक्रांति की ओर से वर्ष 2026 के दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत किया गया। उन्हें सर्वप्रथम “मिशन रक्तक्रांति सम्मान–2026” प्रदान किया गया, जो मिशन रक्तक्रांति का सर्वोच्च सम्मान है और प्रत्येक वर्ष केवल एक ऐसे व्यक्तित्व को दिया जाता है जिसने रक्तदान आंदोलन में असाधारण योगदान दिया हो। इसके अतिरिक्त उन्हें “लाइफ सेवियर अवार्ड–2026” भी प्रदान किया गया। यह सम्मान उन व्यक्तित्वों को समर्पित होता है जो अपने माता-पिता, पूर्वजों, स्वतंत्रता सेनानियों अथवा राष्ट्रनायकों की स्मृति में मानव सेवा और रक्तदान जागरूकता के प्रेरक अभियान चलाते हैं। यह सम्मान उनके दीर्घकालीन समर्पण और प्रेरणादायी नेतृत्व का राष्ट्रीय सम्मान था।

यह भी पढ़ें:   

 सुनहरी यादें 2019: बिहार का अंतरराष्ट्रीय रक्तदाता महाकुंभ – सेवा का ऐतिहासिक संगम


हिमाचल की सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया विशेष सम्मान

पथ-प्रदर्शक संस्था के सदस्य एवं बिहार के पारंपरिक लोक गायक।
पथ-प्रदर्शक संस्था के सदस्य एवं बिहार के पारंपरिक लोक गायक।

सम्मान समारोह का एक अत्यंत भावनात्मक और आकर्षक क्षण वह था जब हिमाचल प्रदेश की ओर से शतकवीर रक्तदाता नरेश शर्मा ने आदरणीय श्री बमेंद्र कुमार जी को हिमाचल की पारंपरिक स्मृति-चिह्न टोपी, अंगवस्त्र तथा मफलर पहनाकर सम्मानित किया। यह सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं के बीच आपसी सम्मान, प्रेम और आत्मीयता का सुंदर प्रतीक बन गया। उपस्थित सभी अतिथियों ने इस सम्मान को तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा। हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े इस सम्मान ने यह संदेश दिया कि स्वैच्छिक रक्तदान केवल जीवन बचाने का अभियान नहीं, बल्कि राज्यों, संस्कृतियों और समाजों को जोड़ने वाला राष्ट्रीय आंदोलन भी है। इस अवसर ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय तथा अविस्मरणीय बना दिया।


मिशन रक्तक्रांति के प्रतिनिधियों ने किया सम्मान अर्पित

यह प्रतिष्ठित सम्मान मिशन रक्तक्रांति से जुड़े वरिष्ठ समाजसेवियों एवं रक्तदान आंदोलन के अग्रणी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान अर्पित करने वालों में डॉ. संजीव मेहता छिब्बर जी (यमुनानगर, हरियाणा), मिशन रक्तक्रांति हिंदुस्तान के वरिष्ठ सदस्य एवं शतकवीर रक्तदाता रंजीत भाई मिश्रा (निमती, अलीपुरद्वार, पश्चिम बंगाल) शतकवीर रक्तदाता नरेश शर्मा (शिमला, हिमाचल प्रदेश), डबल सेंचुरी ब्लड डोनर दिनेश बक्शी (करनाल, हरियाणा), कृष मेहता (हरियाणा) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। मिशन रक्तक्रांति से जुड़े सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए वर्ष 2026 के दोनों राष्ट्रीय सम्मान श्री बमेंद्र कुमार जी को समर्पित किए। यह निर्णय उनके नेतृत्व, संगठन क्षमता और मानव सेवा के प्रति आजीवन समर्पण के प्रति सम्मान का प्रतीक था।


रक्तदान आंदोलन को नई दिशा देने वाला प्रेरणादायी क्षण

लाइफ सेवियर अवार्ड–2026
रक्तदाता महाकुंभ-2 सम्मान समारोह

रक्तदाता महाकुंभ-2 के दौरान प्रदान किए गए ये दोनों राष्ट्रीय सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे स्वैच्छिक रक्तदान आंदोलन के लिए प्रेरणा का स्रोत बने। इस अवसर ने यह सिद्ध कर दिया कि निस्वार्थ सेवा, समर्पण और सकारात्मक नेतृत्व का सम्मान समाज अवश्य करता है। श्री बमेंद्र कुमार जी के नेतृत्व में आयोजित इस महाकुंभ ने देशभर के रक्तदाताओं को एक मंच पर जोड़ने के साथ-साथ सेवा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व की नई ऊर्जा प्रदान की। समारोह में हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक टोपी, अंगवस्त्र और मफलर से किया गया सम्मान भारतीय सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक बनकर उपस्थित लोगों के मन में अमिट छाप छोड़ गया। यह आयोजन आने वाले वर्षों में रक्तदान आंदोलन के इतिहास में एक प्रेरणादायी अध्याय के रूप में याद किया जाएगा तथा मानवता की सेवा के लिए कार्य करने वाले हजारों स्वयंसेवकों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

समापन:
रक्तदाता महाकुंभ-2 ने सिद्ध कर दिया कि निस्वार्थ सेवा, सशक्त नेतृत्व और सामूहिक संकल्प मिलकर मानवता की रक्षा का सबसे मजबूत आधार बनते हैं।

………………………………………………………………………………………….

यह भी पढ़ें:  रक्तदाता महाकुंभ-2026: बना राष्ट्रीय प्रेरणा का केंद्र, देशभर के रक्तवीरों ने दिया मानवता का संदेश

…………………………………………………………………………………………

रक्तदाता महाकुंभ-2 के आयोजन की समाचार पत्र में प्रकाशित विशेष रिपोर्ट।
रक्तदाता महाकुंभ-2 के आयोजन की समाचार पत्र में प्रकाशित विशेष रिपोर्ट।

Check Also

भारत की सर्वश्रेष्ठ महिला रक्तदाता वैशाली पंड्या को ISBTI ने कोच्चि के राष्ट्रीय मंच पर किया सम्मानित

भारत की सर्वश्रेष्ठ महिला रक्तदाता वैशाली पंड्या को ISBTI ने कोच्चि के राष्ट्रीय मंच पर किया सम्मानित

कोच्चि, केरल। रक्तदान केवल रक्त देने का काम नहीं है, बल्कि किसी जरूरतमंद की जिंदगी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *