अयोध्या राम मंदिर: हनुमान जयंती पर 6 उप-मंदिरों में फहराएगी धर्म ध्वज, भक्ति का होगा भव्य उत्सव

अयोध्या राम मंदिर: हनुमान जयंती पर 6 उप-मंदिरों में फहराएगी धर्म ध्वज, भक्ति का होगा भव्य उत्सव

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में निर्माण कार्य के साथ-साथ अब धार्मिक स्वरूप को भी पूर्णता देने की दिशा में तेजी दिखाई दे रही है। रामलला के भव्य मंदिर के बाद अब परिसर के अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों को भी पारंपरिक पहचान दी जा रही है। इसी क्रम में मंदिर ट्रस्ट ने परिसर के छह प्रमुख उप-मंदिरों पर ध्वजारोहण की तैयारी पूरी कर ली है।

राम मंदिर ट्रस्ट की हालिया बैठक के बाद महासचिव चंपत राय ने जानकारी दी कि मार्च और अप्रैल का महीना अयोध्या के लिए धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस अवधि में चरणबद्ध तरीके से ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


किन 6 उप-मंदिरों पर फहराया जाएगा ध्वज

ट्रस्ट द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर के भीतर स्थित छह प्रमुख उप-मंदिरों में ध्वज फहराया जाएगा। ये मंदिर हैं:

  • भगवान सूर्य मंदिर
  • माता भगवती मंदिर
  • भगवान शिव (शिवलिंग) मंदिर
  • गणपति मंदिर
  • शेषावतार मंदिर
  • हनुमान जी का मंदिर

इन सभी मंदिरों में ध्वजारोहण के माध्यम से उन्हें पूर्ण धार्मिक स्वरूप प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।


हनुमान जयंती पर विशेष आयोजन

इस पूरी श्रृंखला का सबसे प्रमुख आयोजन हनुमान जयंती (2 अप्रैल) के दिन होगा। इस अवसर पर हनुमान जी के मंदिर में विधि-विधान से ध्वजारोहण किया जाएगा।

ट्रस्ट के अनुसार, अन्य पांच उप-मंदिरों में ध्वजारोहण कार्यक्रम 22 मार्च से 31 मार्च के बीच अलग-अलग तिथियों पर संपन्न किए जाएंगे। इसके बाद हनुमान जयंती का आयोजन इस श्रृंखला का मुख्य आकर्षण बनेगा।


पहले ही हो चुके हैं प्रमुख ध्वजारोहण

मंदिर ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य मंदिर के शिखर पर ध्वज पहले ही अर्पित किया जा चुका है।

  • मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण: 25 नवंबर 2025
  • माता अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वज अर्पण: 31 दिसंबर 2025

अब शेष छह उप-मंदिरों पर ध्वजारोहण के साथ यह धार्मिक श्रृंखला लगभग पूर्णता की ओर बढ़ेगी।


सीमित और सादगीपूर्ण होंगे कार्यक्रम

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने इन कार्यक्रमों को सीमित रखने का निर्णय लिया है।

प्रत्येक ध्वजारोहण में लगभग 200 लोगों की उपस्थिति तय की गई है, जिनमें शामिल होंगे:

  • 50 संत-महंत
  • 50 स्थानीय गृहस्थ
  • 100 इंजीनियर और निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिक

महासचिव चंपत राय के अनुसार, उद्देश्य यह है कि सभी धार्मिक परंपराएं पूरी मर्यादा और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हों, साथ ही निर्माण कार्य भी प्रभावित न हो।


रामनवमी को लेकर विशेष सलाह

आगामी रामनवमी के दौरान अयोध्या में भारी भीड़ और बढ़ती गर्मी को देखते हुए ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी जारी की है।

भक्तों से अपील की गई है कि:

  • धूप से बचने के लिए सफेद सूती गमछा साथ रखें
  • हल्का भोजन, जैसे सत्तू, साथ लेकर आएं
  • गरिष्ठ और तैलीय भोजन से परहेज करें

यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।


धार्मिक माहौल और प्रशासन की तैयारी

चैत्र नवरात्र से लेकर हनुमान जयंती तक का यह समय अयोध्या में विशेष धार्मिक माहौल लेकर आने वाला है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

इसे देखते हुए:

  • प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट दोनों सतर्क हैं
  • सुरक्षा और व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है
  • आयोजन को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रखने पर जोर है

निष्कर्ष

अयोध्या राम मंदिर परिसर में छह उप-मंदिरों पर ध्वजारोहण केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मंदिर के संपूर्ण आध्यात्मिक स्वरूप को स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हनुमान जयंती के विशेष आयोजन के साथ यह श्रृंखला अपने चरम पर पहुंचेगी, जिससे अयोध्या एक बार फिर देशभर की आस्था का केंद्र बनेगी।

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