प्राचीन काल में हस्तिनापुर का राजमहल वैभव और शक्ति का केंद्र था, लेकिन वहाँ अहंकार की छाया भी धीरे-धीरे गहराती जा रही थी। राजा धृतराष्ट्र के पुत्र दुर्योधन के स्वभाव में घमंड और क्रोध स्पष्ट दिखाई देता था। एक दिन महान तपस्वी महर्षि मैत्रेय हस्तिनापुर आए। वे धृतराष्ट्र से …
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