हिमाचल प्रदेश आपदाग्रस्त राज्य घोषित
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा के मानसून सत्र में प्रदेश को आपदाग्रस्त राज्य घोषित करने का ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि बारिश थमने के बाद इस अधिसूचना को वापस लेने पर विचार होगा।
इस फैसले से प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद और पुनर्वासन सुनिश्चित होगा।
हालांकि, सरकार स्थिति पर लगातार नज़र रखेगी।
मानसून से भारी नुकसान
मुख्यमंत्री ने बताया कि आपदा प्रभावितों की राहत और पुनर्वासन के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
बारिश ने इस सीजन में भारी नुकसान पहुँचाया है।
लगभग 320 लोगों की जान जा चुकी है।
इसके अलावा, 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति नष्ट हो गई है।
ध्यान देने योग्य है कि राज्य में इससे पहले कोरोना काल में भी स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू हुआ था।
हिमाचल विधानसभा की कार्यवाही का संचालन करते हुए स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया
सरकार क्या कर सकेगी?
- विधायक निधि और योजनाओं के बजट में कटौती कर राहत और पुनर्वासन के लिए धन जुटा सकेगी।
- नया सेस लगाकर अतिरिक्त इनकम प्राप्त कर सकेगी। उदाहरण के लिए, कोरोना काल में कोविड सेस लगाया गया था।
- केंद्र सरकार से अतिरिक्त मदद मिल सकेगी।
- डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू होने के बाद मौके के अफसर (डीसी, एडीएम, एसडीएम) तत्काल फैसले ले पाएंगे।
कब लागू होता है स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट?
यह एक्ट तब लागू होता है जब किसी राज्य में प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा की स्थिति बनती है।
इस बार हिमाचल में भारी बारिश ने कहर बरपाया है।
प्रदेश में सामान्य से 35 प्रतिशत और केवल अगस्त में 68 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई।
इस वजह से जान और माल दोनों का नुकसान हुआ है।
कुल मिलाकर, स्थिति से निपटने के लिए सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।
HIMRANG Awareness & Social News for a Better Society