Read Himrang News on Google News

View on Google News
समाजसेवा की मिसाल — सोनिया शर्मा की प्रेरणादायी कहानी

समाजसेवा की मिसाल — सोनिया शर्मा की प्रेरणादायी कहानी

सुबह की पहली किरण के साथ एक नया संकल्प जन्म लेता है। कुछ लोग अपने लिए जीते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो दूसरों के जीवन में आशा की रोशनी बन जाते हैं। सोनिया शर्मा ऐसी ही एक समर्पित समाजसेविका हैं, जिन्होंने सेवा को अपना धर्म, संस्कार और जीवन का उद्देश्य बनाया है।

उन्होंने उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन के माध्यम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने का संकल्प लिया। चाहे गरीब परिवारों को राशन उपलब्ध कराना हो, भूखे लोगों को भोजन कराना हो, जरूरतमंदों को वस्त्र वितरित करना हो या स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन—हर कार्य में उनका उद्देश्य केवल एक रहा है, मानव सेवा।

उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन के सेवा कार्य
उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन के माध्यम से जनसेवा में सहयोग करती हुई सोनिया शर्मा।

सोनिया शर्मा का मानना है कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब हर व्यक्ति अपने सामर्थ्य के अनुसार दूसरों की सहायता के लिए आगे आए। यही सोच उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय रखती है। वे बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में संस्कारों की भावना को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

पर्यावरण संरक्षण को भी उन्होंने अपने सामाजिक दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। पौधारोपण, स्वच्छता अभियान और प्रकृति संरक्षण के माध्यम से वे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरित भविष्य का संदेश देती हैं।

उनकी सोच स्पष्ट है—“सेवा ही धर्म है, सेवा ही कर्म है और सेवा ही मानवता का सच्चा मर्म है।” यही विचार उन्हें समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सम्मान और विश्वास दिलाता है।


समाजसेवी सोनिया शर्मा – संक्षिप्त परिचय

वृंदावन में आचार्य अनिरुद्ध शास्त्री जी से पर्यावरण सम्मान प्राप्त करती हुई समाजसेवी सोनिया शर्मा
वृंदावन में आचार्य अनिरुद्ध शास्त्री जी से पर्यावरण सम्मान प्राप्त करती हुई समाजसेवी सोनिया शर्मा

सोनिया शर्मा दिल्ली की एक समर्पित, कर्मठ एवं सक्रिय समाजसेविका हैं। वे दक्षिण दिल्ली के नेब सराय क्षेत्र की निवासी हैं तथा वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से बी.ए. तथा उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी (नैनीताल) से एम.ए. की शिक्षा प्राप्त की है। उच्च शिक्षा के साथ उन्होंने समाजसेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। यद्यपि वे पिछले कई वर्षों से व्यक्तिगत स्तर पर समाजसेवा कर रही थीं, लेकिन बढ़ते सेवा कार्यों को व्यवस्थित, व्यापक और अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाने के उद्देश्य से उन्होंने 03 अगस्त 2025 को उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन की स्थापना की। इस संस्था के माध्यम से वे शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा और जरूरतमंद परिवारों की सहायता जैसे जनकल्याणकारी कार्यों को संगठित रूप से संचालित कर रही हैं।


स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में सेवा कार्य करती हुई : सोनिया शर्मा।
स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में सेवा कार्य करती हुई सोनिया शर्मा।

समाजसेवा ही मेरा जीवन है — समाजसेवी सोनिया शर्मा से विशेष बातचीत

(साक्षात्कार के प्रमुख प्रश्नों के विस्तृत उत्तर)

प्रश्न: समाजसेवा की प्रेरणा आपको कहाँ से मिली?

उत्तर (सोनिया शर्मा):
समाजसेवा की प्रेरणा मुझे किसी पुस्तक या मंच से नहीं, बल्कि एक वास्तविक घटना से मिली। मेरे पड़ोस में एक छोटा बच्चा कैंसर से पीड़ित था। मैं उसके साथ अक्सर अस्पताल जाया करती थी। इलाज के दौरान मैंने उसकी हर संभव सहायता की, उसके लिए रक्त की व्यवस्था की और उसके परिवार का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया। अस्पताल में मैंने अनेक ऐसे मरीजों और परिवारों को देखा जो आर्थिक, मानसिक और सामाजिक रूप से संघर्ष कर रहे थे। वहीं से मेरे मन में यह भावना जागी कि यदि ईश्वर ने मुझे सक्षम बनाया है तो मुझे दूसरों के लिए कुछ करना चाहिए। यही घटना मेरे जीवन का सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत बनी और तब से मैं निरंतर जनसेवा से जुड़ी हुई हूँ। आज मैं वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों की सेवा, गरीब बच्चों की शिक्षा, जरूरतमंद परिवारों की सहायता तथा महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य कर रही हूँ।

प्रश्न: समाजसेवा का सफर कब और कैसे शुरू हुआ?

उत्तर:
वैसे तो मैं पिछले दस-बारह वर्षों से समाजसेवा से जुड़ी हुई हूँ, लेकिन वर्ष 2020 के बाद मैंने इस कार्य को संगठित रूप दिया। हमने ‘उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन’ की स्थापना की। इस संस्था के माध्यम से गरीब बच्चों की शिक्षा, उनकी फीस जमा करवाना, कॉपियाँ-किताबें उपलब्ध कराना, निर्धन बेटियों के विवाह में सहयोग करना, जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरित करना तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मेरा प्रयास रहता है कि सेवा केवल एक कार्यक्रम न बनकर लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाए।

प्रश्न: आपकी संस्था किन क्षेत्रों में कार्य करती है?

उत्तर:
हमारी संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान जागरूकता, राशन वितरण, गौसेवा तथा सामाजिक जागरूकता जैसे अनेक क्षेत्रों में कार्य करती है। हम समय-समय पर गरीब बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराते हैं, जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न वितरित करते हैं तथा समाज के कमजोर वर्ग तक सहायता पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

प्रश्न: आपके जीवन का सबसे यादगार पल कौन-सा रहा?

उत्तर:
मेरे जीवन का सबसे भावुक और यादगार क्षण वह था जब मुझे एक असहाय परिवार की बेटी के विवाह में सहयोग करने का अवसर मिला। उस परिवार के पास बेटी की शादी के लिए पर्याप्त साधन नहीं थे। हमारी संस्था ने विवाह की आवश्यक सामग्री एवं आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया। जब बेटी की विदाई हुई तो पूरे परिवार ने जो स्नेह, आशीर्वाद और आत्मीयता मुझे दी, वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है। उस दिन मुझे महसूस हुआ कि किसी के जीवन की खुशी बनना ही सच्ची समाजसेवा है।

प्रश्न: किसी जरूरतमंद की सेवा का ऐसा अनुभव जिसने आपको भावुक कर दिया हो?

उत्तर:
मैं नियमित रूप से वृद्धाश्रमों में भी जाती हूँ। वहाँ अनेक ऐसे बुजुर्ग मिले जिनके पास धन की कोई कमी नहीं थी, लेकिन अपने परिवार और बच्चों का साथ नहीं था। उनके बच्चों का विदेशों या अन्य शहरों में बस जाना उन्हें भीतर से अकेला कर चुका था। जब हम उनके साथ बैठते हैं, उनकी बातें सुनते हैं और उनके आँसू पोंछते हैं, तब समझ आता है कि इंसान को सबसे अधिक जरूरत प्रेम और अपनत्व की होती है। यह अनुभव हमेशा मुझे और अधिक सेवा करने की प्रेरणा देता है।

प्रश्न: युवाओं के लिए आपका संदेश क्या है?

उत्तर:
आज युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बढ़ता हुआ नशा और सोशल मीडिया का दुरुपयोग है। मेरा संदेश है कि युवा अपनी ऊर्जा समाज निर्माण में लगाएँ। नशे से दूर रहें, महिलाओं का सम्मान करें, सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक कार्यों के लिए करें तथा पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान और जनसेवा जैसे अभियानों से जुड़ें। छोटा-सा प्रयास भी समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।

प्रश्न: पर्यावरण संरक्षण और गौसेवा को आप किस रूप में देखती हैं?

उत्तर:
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद सहित कई क्षेत्रों में हमने सैकड़ों पौधे लगाए हैं। बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए वृक्षारोपण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी प्रकार गौसेवा हमारी भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग है। गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि करुणा, सेवा और भारतीय जीवन मूल्यों की प्रतीक है। गौशालाओं में सेवा करना मेरे लिए आध्यात्मिक संतोष का विषय है।

प्रश्न: समाजसेवा में सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

उत्तर:
सबसे बड़ी चुनौती संसाधनों और आर्थिक सहयोग की कमी होती है। कई बार जरूरत बहुत बड़ी होती है लेकिन उपलब्ध साधन सीमित होते हैं। इसके बावजूद समाज का विश्वास, स्वयंसेवकों का सहयोग और सेवा का संकल्प हमें आगे बढ़ने की शक्ति देता है।

प्रश्न: परिवार का सहयोग कितना मिलता है और समाज तथा महिलाओं के लिए आपका संदेश क्या है?

उत्तर:
मेरे सामाजिक कार्यों में सबसे बड़ा सहयोग मेरी माता का रहा है। उनका विश्वास और प्रोत्साहन मुझे हर परिस्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मैं सभी महिलाओं से कहना चाहूँगी कि वे अपनी शक्ति को पहचानें, आत्मनिर्भर बनें और समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ। वहीं युवाओं और समाज से मेरा आग्रह है कि सेवा, संस्कार, संवेदनशीलता और सहयोग को जीवन का हिस्सा बनाएँ। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक जरूरतमंद की सहायता करने का संकल्प ले ले, तो हमारा समाज और हमारा भारत निश्चित रूप से अधिक सशक्त, संवेदनशील और विकसित बन सकता है।


सोनिया शर्मा जी को प्राप्त राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान

रक्तदाता महाकुंभ, बिहार में सम्मान ग्रहण करती समाजसेवी सोनिया शर्मा।
समाजसेवी सोनिया शर्मा ने रक्तदान जागरूकता एवं मानव सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बिहार में आयोजित रक्तदाता महाकुंभ समारोह में सम्मान प्राप्त किया।

समाजसेवी सोनिया शर्मा जी ने अपने समर्पण, सेवा भावना और मानव कल्याण के कार्यों से समाज में एक विशेष पहचान बनाई है। उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान, रक्तदान जागरूकता, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता के लिए उन्हें अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्हें उत्कृष्ट सेवा पुरस्कार, Iconic Women Award, राष्ट्रीय रक्त योद्धा पुरस्कार, SWDT Blood Warrior Award, National Save The Humanity Award, धर्म एवं पर्यावरण सम्मान तथा वीर बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय रक्तदाता सम्मान जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया है। ये सम्मान उनके निरंतर सेवा कार्यों, मानवता के प्रति समर्पण और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों का प्रमाण हैं। सोनिया शर्मा जी का सेवा कार्य अनेक लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।


दधीचि देह दान समिति का देहदान संकल्प पत्र एवं डोनर कार्ड
दधीचि देह दान समिति का देहदान संकल्प पत्र एवं डोनर कार्ड

सोनिया शर्मा ने मानव सेवा को सर्वोच्च धर्म मानते हुए नियमित रक्तदान के साथ-साथ राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) की आधिकारिक वेबसाइट पर अंगदान और देहदान के लिए भी अपना पंजीकरण कराया है। उनका मानना है कि मृत्यु के बाद भी अंग और शरीर किसी जरूरतमंद के जीवन तथा चिकित्सा शिक्षा के लिए अमूल्य योगदान दे सकते हैं।


NOTTO की वेबसाइट पर अंगदान और देहदान का संकल्प
NOTTO की वेबसाइट पर अंगदान और देहदान का संकल्प

सोनिया शर्मा ने मानव सेवा और समाज कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए दधीचि देह दान समिति, नई दिल्ली के माध्यम से देहदान का संकल्प लिया है। उनका मानना है कि जीवन के बाद भी यदि हमारा शरीर चिकित्सा शिक्षा और मानव कल्याण के काम आ सके, तो इससे बड़ा सेवा कार्य कोई नहीं है। उनका यह संकल्प समाज में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता फैलाने की प्रेरणा देता है।


आज सोनिया शर्मा का जीवन इस बात का संदेश देता है कि यदि संकल्प सच्चा हो, नीयत निष्कलंक हो और सेवा का भाव हृदय में हो, तो एक व्यक्ति भी समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत शुरुआत कर सकता है



समाजसेवा के प्रति समर्पित सोनिया शर्मा- NEW-DELHI

 

Check Also

जीवन का अर्थ केवल अपने लिए जीना नहीं, बल्कि किसी की पीड़ा में सहारा और अंधेरे में उम्मीद की रोशनी बनना है।

जीवन का अर्थ केवल अपने लिए जीना नहीं, बल्कि किसी की पीड़ा में सहारा और अंधेरे में उम्मीद की रोशनी बनना है।

जीवन….. देखने में कितना छोटा-सा शब्द है, लेकिन इसके भीतर पूरी सृष्टि का अर्थ छिपा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *